GST रिटर्न कैसे फाइल करें
GSTR-1 और GSTR-3B में अंतर
GSTR-1 में आप अपनी बिक्री (आउटवर्ड सप्लाई) की पूरी डिटेल देते हैं। GSTR-3B एक समरी रिटर्न है जिसमें कुल टैक्स, ITC और नेट पेमेंट दिखती है। दोनों भरना ज़रूरी है।
फाइल करने के स्टेप्स
gst.gov.in पर लॉगिन करें, रिटर्न पीरियड चुनें, बिक्री और टैक्स भरें, GSTR-2B से मिलाकर ITC क्लेम करें, बकाया टैक्स चालान से भरें, और EVC/DSC से फाइल करें। मंथली GSTR-3B की ड्यू डेट अगले महीने की 20 तारीख है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
GST रिटर्न देरी से भरने पर क्या होता है?
लेट फीस ₹50 प्रति दिन (निल रिटर्न पर ₹20) और बकाया टैक्स पर 18% सालाना ब्याज (सेक्शन 50) लगता है। समय पर भरना ज़रूरी है, भले निल रिटर्न हो।
ITC कब क्लेम कर सकते हैं?
ITC सिर्फ़ उन इनवॉइस पर मिलता है जो आपके GSTR-2B में दिखते हैं और जहाँ सप्लायर ने टैक्स भरा है। क्लेम करने से पहले रिकंसिलिएशन करें।
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यह सामान्य जानकारी है, पेशेवर सलाह नहीं। नियम बदलते रहते हैं और आपके तथ्यों पर निर्भर करते हैं — कार्रवाई से पहले किसी लाइसेंस प्राप्त CA या वकील से पुष्टि करें।