नई vs पुरानी टैक्स रिजीम — कौन-सी चुनें

नई रिजीम अब डिफ़ॉल्ट है — इसमें स्लैब चौड़े हैं और ₹12 लाख तक की आय पर टैक्स शून्य है, लेकिन HRA, 80C, 80D जैसी कटौतियाँ नहीं मिलतीं। पुरानी रिजीम में कटौतियाँ मिलती हैं पर स्लैब सख़्त हैं।

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दोनों में मुख्य अंतर

नई रिजीम: ₹75,000 मानक कटौती, 0-4 लाख शून्य, फिर 5/10/15/20/25/30% के स्लैब, और §87A रिबेट से ₹12 लाख तक टैक्स शून्य। कोई HRA, 80C, 80D या §24(b) नहीं। पुरानी रिजीम: ₹50,000 मानक कटौती और 5/20/30% के सख़्त स्लैब, लेकिन HRA, 80C (₹1.5 लाख), 80D (₹25,000), गृह-ऋण ब्याज (₹2 लाख) सब मिलते हैं।

कौन-सी आपके लिए बेहतर?

मोटा नियम: अगर आपकी कुल कटौतियाँ बड़ी हैं — बड़ा किराया (HRA), पूरा 80C, और गृह-ऋण ब्याज — तो पुरानी रिजीम जीत सकती है। वरना ज़्यादातर लोगों के लिए नई रिजीम सस्ती पड़ती है, खासकर ₹12 लाख तक की आय पर जहाँ टैक्स शून्य है। सिर्फ़ अंदाज़ा न लगाएँ — अपने असली आँकड़ों (HRA सहित) से दोनों की गणना करें। ज़्यादातर ऑनलाइन तुलनाएँ HRA छोड़ देती हैं, जबकि किराएदारों के लिए वही सबसे बड़ी कटौती होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या हर साल रिजीम बदल सकते हैं?

सैलरी वाले (बिना बिज़नेस इनकम) हर साल ITR भरते समय नई पसंद कर सकते हैं। बिज़नेस इनकम वाले अगर नई रिजीम छोड़ दें तो आमतौर पर सिर्फ़ एक बार वापस आ सकते हैं।

क्या नई रिजीम में HRA मिलता है?

नहीं। §10(13A) की HRA छूट सिर्फ़ पुरानी रिजीम में मिलती है। नई रिजीम बदले में ₹75,000 मानक कटौती और चौड़े स्लैब देती है।

₹12 लाख तक सच में टैक्स शून्य है?

हाँ — नई रिजीम में §87A रिबेट (₹60,000 तक) के कारण ₹12 लाख तक की कर-योग्य आय पर टैक्स शून्य हो जाता है। मानक कटौती जोड़कर सैलरी इससे थोड़ी ज़्यादा भी हो सकती है।

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यह सामान्य जानकारी है, पेशेवर सलाह नहीं। नियम बदलते रहते हैं और आपके तथ्यों पर निर्भर करते हैं — कार्रवाई से पहले किसी लाइसेंस प्राप्त CA या वकील से पुष्टि करें।