PF का पैसा कैसे निकालें — नियम और टैक्स

EPF आपकी रिटायरमेंट बचत है, लेकिन ज़रूरत पड़ने पर कुछ हालात में पहले भी निकाला जा सकता है। नियम जानना ज़रूरी है, क्योंकि जल्दी निकासी पर टैक्स लग सकता है।

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ऑनलाइन कैसे निकालें?

unifiedportal-mem.epfindia.gov.in पर UAN और पासवर्ड से लॉगिन करें। पक्का करें कि आपका UAN आधार, PAN और बैंक खाते से लिंक और KYC-वेरिफाइड है। फिर Online Services → Claim (Form-31, 19 & 10C) चुनें। पूरी निकासी के लिए फॉर्म 19 (PF) और फॉर्म 10C (पेंशन), और आंशिक निकासी (घर, शादी, इलाज, शिक्षा) के लिए फॉर्म 31 भरें। दावा आमतौर पर 7-20 दिन में निपट जाता है।

टैक्स के नियम

5 साल की लगातार सेवा के बाद निकाला गया EPF पूरी तरह कर-मुक्त है। 5 साल से पहले निकालने पर रकम कर-योग्य हो जाती है और ₹50,000 से ऊपर होने पर धारा 192A के तहत 10% TDS कटता है (PAN न देने पर ज़्यादा)। नौकरी बदलने पर पैसा निकालने की बजाय UAN से ट्रांसफर करना बेहतर है — इससे सेवा की निरंतरता बनी रहती है और टैक्स नहीं लगता।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

नौकरी छोड़ने के तुरंत बाद PF निकाल सकते हैं?

पूरी PF निकासी के लिए आमतौर पर 2 महीने की बेरोज़गारी ज़रूरी है। पेंशन (10C) के अपने नियम हैं। नई नौकरी मिल रही हो तो निकालने के बजाय ट्रांसफर करें।

क्या PF निकालने पर TDS कटता है?

5 साल से पहले निकाली गई ₹50,000 से ज़्यादा की रकम पर धारा 192A के तहत 10% TDS कटता है। 5 साल बाद निकासी कर-मुक्त है और TDS नहीं कटता।

क्या पूरा PF निकाल सकते हैं?

नौकरी में रहते हुए पूरा नहीं — सिर्फ़ तय कारणों (घर, इलाज, शादी, शिक्षा) पर आंशिक निकासी होती है। पूरी निकासी रिटायरमेंट या तय अवधि की बेरोज़गारी पर ही होती है।

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यह सामान्य जानकारी है, पेशेवर सलाह नहीं। नियम बदलते रहते हैं और आपके तथ्यों पर निर्भर करते हैं — कार्रवाई से पहले किसी लाइसेंस प्राप्त CA या वकील से पुष्टि करें।