एडवांस टैक्स क्या होता है — किस्तें और ड्यू डेट

एडवांस टैक्स का मतलब है साल के अंत का इंतज़ार किए बिना, कमाई के साथ-साथ टैक्स भरना। अगर TDS काटने के बाद भी आपकी टैक्स देनदारी ₹10,000 या उससे ज़्यादा है, तो एडवांस टैक्स भरना ज़रूरी है।

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किस्तें और ड्यू डेट

धारा 211 के तहत एडवांस टैक्स चार किस्तों में भरा जाता है — 15 जून तक कुल का 15%, 15 सितंबर तक 45%, 15 दिसंबर तक 75%, और 15 मार्च तक 100%। ये संचयी (cumulative) आँकड़े हैं, यानी सितंबर तक कुल 45% जमा होना चाहिए। प्रिज़म्प्टिव स्कीम (44AD/44ADA) वालों को बड़ी राहत है — उन्हें पूरा 100% सिर्फ़ 15 मार्च तक एक ही किस्त में भरना होता है।

234B और 234C ब्याज

अगर आपने कुल देनदारी का 90% से कम एडवांस टैक्स भरा, तो धारा 234B के तहत 1% प्रति माह ब्याज लगता है। और अगर किसी किस्त में तय प्रतिशत से कम भरा, तो धारा 234C के तहत उस अवधि का 1% प्रति माह ब्याज लगता है। इसीलिए साल की शुरुआत में ही अनुमान लगाकर किस्तें भरना सस्ता पड़ता है। वरिष्ठ नागरिक जिनकी कोई बिज़नेस इनकम नहीं है, उन्हें एडवांस टैक्स से छूट है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

एडवांस टैक्स किसे भरना ज़रूरी है?

हर उस करदाता को जिसकी TDS घटाने के बाद टैक्स देनदारी ₹10,000 या उससे ज़्यादा है — सैलरी वाले भी, अगर उनकी दूसरी आय (ब्याज, किराया, कैपिटल गेन, फ्रीलांस) पर TDS पूरा नहीं कटा।

सैलरी वालों को भी एडवांस टैक्स भरना होता है?

आमतौर पर नहीं, क्योंकि एम्प्लॉयर TDS काट लेता है। लेकिन अगर आपकी ब्याज, किराए या कैपिटल गेन से आय है जिस पर पूरा टैक्स नहीं कटा, तो उस हिस्से पर एडवांस टैक्स देना होगा।

एडवांस टैक्स कैसे भरें?

incometax.gov.in पर e-Pay Tax से चालान 280 चुनकर ऑनलाइन भरें। भुगतान के बाद चालान की डिटेल संभालकर रखें — ITR में इसे क्लेम करना होता है।

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यह सामान्य जानकारी है, पेशेवर सलाह नहीं। नियम बदलते रहते हैं और आपके तथ्यों पर निर्भर करते हैं — कार्रवाई से पहले किसी लाइसेंस प्राप्त CA या वकील से पुष्टि करें।